मन्त्र
द्वया ह प्राजापत्या देवाश्चासुराश्च ।
ततः कनीयसा एव देवा ज्यायसा असुराः ।
त एषु लोकेष्वस्पर्धन्त ।
ते ह देवा ऊचुः हन्त असुरान् यज्ञ उद्गीथेन अत्ययाम इति ॥ १॥
शब्दार्थ (Word-by-Word Meaning)
| संस्कृत शब्द | हिन्दी अर्थ |
|---|---|
| द्वया | दो प्रकार के |
| प्राजापत्या | प्रजापति की सन्तान |
| देवाः | देवता |
| असुराः | असुर |
| कनीयसः | संख्या में कम |
| ज्यायसः | अधिक |
| स्पर्धन्त | प्रतिस्पर्धा करने लगे |
| देवा ऊचुः | देवताओं ने कहा |
| यज्ञ | यज्ञ |
| उद्गीथेन | उद्गीथ (ॐ स्वर) के द्वारा |
| अत्ययाम | पराजित करेंगे |
हिन्दी में विस्तृत व्याख्या
यह मन्त्र देव और असुरों के संघर्ष तथा उद्गीथ (ॐ) की शक्ति को बताता है।
1. प्रजापति की दो सन्तान
मन्त्र कहता है कि प्रजापति की दो प्रकार की सन्तान थीं:
- देव (दैवी प्रवृत्ति)
- असुर (अधोगामी प्रवृत्ति)
यह केवल देवता और दानव की कहानी नहीं है, बल्कि मानव के भीतर की दो प्रवृत्तियों का प्रतीक है।
2. संख्या में अंतर
मन्त्र बताता है:
- देव संख्या में कम थे
- असुर संख्या में अधिक थे
यह संकेत देता है कि सत्य और सद्गुण कम दिखाई देते हैं, परन्तु उनका महत्व अधिक होता है।
3. लोकों में संघर्ष
देव और असुर इन लोकों में परस्पर स्पर्धा करने लगे।
यह संघर्ष प्रतीक है:
- धर्म और अधर्म का संघर्ष
- ज्ञान और अज्ञान का संघर्ष
4. उद्गीथ की शक्ति
देवताओं ने कहा:
“हम असुरों को यज्ञ के उद्गीथ से जीतेंगे।”
उद्गीथ का अर्थ है:
- ॐ का दिव्य स्वर
- सामवेद का उच्च स्वर
यह दर्शाता है कि दिव्य ज्ञान और पवित्र ध्वनि से अधर्म पर विजय मिलती है।
English Explanation
This verse describes the symbolic conflict between the Devas and Asuras and the power of the sacred chant (Udgītha).
1. Two Types of Beings
The verse states that Prajapati had two kinds of offspring:
- Devas (divine tendencies)
- Asuras (negative tendencies)
This represents the dual nature within the human mind.
2. Difference in Numbers
The Devas were fewer, while the Asuras were more numerous.
This symbolizes that virtue may appear small but is powerful.
3. Cosmic Conflict
They began to compete in the worlds.
This represents the eternal struggle between truth and ignorance.
4. Victory Through Udgītha
The Devas decided to defeat the Asuras through Udgītha, the sacred chant of Om used in Vedic rituals.
This teaches that spiritual sound and knowledge overcome negativity.